Periods Mein Dard ka Ayurvedic Upchar
पीरियड्स में दर्द से छुटकारा पाने का आयुर्वेदिक उपचार- Periods Mein Dard se Chutkara Pane ka Ayurvedic Upchar
जब एक लड़की अपनी यौवनावस्था में प्रवेश करती है तो उसके शरीर में कई तरह के बदलाव नजर आते है। उसमें से एक प्रक्रिया मासिक धर्म की है जिसमें शारीरिक और हार्मोनल बदलावों से गुजरती है। पीरियड्स के समय में महिलाएं अपनी शुरुआती किशोरावस्था में दर्द से पीड़ित हो सकती हैं। ज्यादातर महिलाओं को पीरियड्स के दौरान कुछ असुविधा का अनुभव होता है और पहले दिन यह अनुभव बहुत ज्यादा होता है। लेकिन 10% महिलाओं को होने वाला दर्द गंभीर हो सकता है।
आमतौर पर हर महीने एक लड़की और महिला को 3 से 7 दिन तक रहने वाले पीरियड्स में दर्द का अनुभव अलग-अलग हो सकता है। कुछ लड़की और महिलाओं में पीरियड्स के समय दर्द कम होता है और कुछ महिलाओं में दर्द इतना होता हैं कि उनके लिए अपने दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों करना मुश्किल हो जाता है। आज इस आर्टिकल में हम बात करेंगे की पीरियड्स में दर्द का इलाज और पीरियड्स में दर्द कैसे कम करें।
पीरियड्स में दर्द होने का कारण
पीरियड्स में दर्द होने का कारण कई हो सकते है। कारणों के आधार पर नीचे दिए गए प्रकारों में वर्गीकृत किया गया है:
प्राइमरी डिस्मेनोर्हिया:
प्राइमरी डिस्मेनोर्हिया आमतौर पर किशोर लड़कियों द्वारा अनुभव किया जाता है जिनका पीरियड हाल ही में आया है। पीरियड के दौरान, आपका शरीर हार्मोन का उत्पादन करता है जिससे गर्भाशय में संकुचन होता है जिससे गर्भाशय की परत को बाहर निकलने में मदद मिलती है। यही संकुचन आपको मेंस्ट्रुअल क्रैम्प के तौर पर महसूस होते हैं। सामान्य पेट दर्द के अलावा, इसमें कई बार पैर दर्द और पीठ दर्द भी हो सकता है। अच्छी खबर यह है कि यह उम्र के साथ कम हो जाता है और आमतौर पर पीरियड की शुरुआत के एक या दो दिन तक ही रहता है।
सेकेंडरी डिस्मेनोर्हिया:
सेकेंडरी डिस्मेनोर्हिया ज़्यादा आम नहीं है और आमतौर पर एक अंतर्निहित विकार या संक्रमण के कारण होता है। दर्द सिर्फ पीरियड की शुरुआत तक ही सीमित नहीं रहता है और पूरी साइकिल के दौरान रह सकता है। इसमें ज़्यादा ब्लीडिंग हो सकती है और पीरियड ज़्यादा दिनों तक चल सकता है। अगर आपके पीरियड्स आमतौर पर दर्द रहित या कम दर्दभरे होते हैं और आपको अचानक से पीरियड्स में दर्द होने लगता है, तो आपको अपने गाइनेकोलॉजिस्ट (स्त्री रोग विशेषज्ञ) से सलाह लेनी चाहिए।
अन्य कारणों में मौजूद है-
प्रोस्टाग्लैंडीन रसायन महिलाओं के शरीर में बनता है जो मासिक धर्म में होने वाली समस्याओं का कारण है। प्रोस्टाग्लैंडीन गर्भाशय की मांसपेशियों में संकुचन को बढ़ाता है। जिन महिलाओं में प्रोस्टाग्लैंडीन अधिक होता है, उनमें संकुचन अधिक होने के कारण पीरियड्स के दौरान दर्द भी अधिक होता है।
हर महीने पीरियड के दौरान ब्लीडिंग ज्यादा होती है, जिसकी वजह से शरीर में खून की कमी हो जाती है। ज्यादा खून की कमी हो जाने से एनीमिया का खतरा भी काफी बढ़ जाता है।
मैग्नीशियम से अनिंद्रा की समस्या, चिंता और सिरदर्द की परेशानियों काफी हद तक दूर होती है। साथ ही पीरियड के दौरान उठने वाले दर्द को भी कम करता है।
पीरियड्स में दर्द का इलाज
आयुर्वेद के अनुसार जिन महिलाओं के शरीर में त्रिदोष अर्थात वात दोष, पित्त दोष और कप दोष की मात्रा अत्यधिक हो जाती है तो उनको पीरियड्स के समय काफी दर्द हो सकता है। आज हम पीरियड्स में दर्द से राहत (period pain relief in hindi) के लिए आयुर्वेदिक उपाय के बारे में बात करेंगे की इसके बहुत जल्दी अपना असर नहीं दिखाते, लेकिन ये निश्चित रूप से आपके वात को नियंत्रण में रखने के लिए अच्छा हैं।
एक लहसुन की कली लें। उसे दो लौंग के साथ क्रश कर लें। इसे पीरियड्स के दौरान दो बार दिन में खाएं।
आयुर्वेद के अनुसार नारियल या तिल के तेल में एंटीऑक्सिडेंट, एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण और लिनोलिक एसिड पाया जाता है। पीरियड्स के दौरान पेट के निचले हिस्से में नारियल या तिल के तेल से मालिश करने से मांसपेशियों की एंठन कम होती हैं जिससे दर्द में राहत मिलती है।
जब पीरियड्स में बहुत ज्यादा दर्द और ऐंठन हो, तो एक छोटा चम्मच एलो वेरा जेल को एक चुटकी काली मिर्च पाउडर या दालचीनी पाउडर के साथ मिलाकर खाएं।
सौंफ पीरियड्स के दिनों के लिए एक प्रभावी जड़ी-बूटी है। यह मासिक धर्म की ऐंठन से छुटकारा दिलाती है। सौंफ को एक गिलास पानी में उबालकर छान लें और इस पानी को नियमित रूप से पीएं। पेट में दर्द और ऐंठन में आराम मिलेगा।
पीरियड्स के दिनों में होने वाला दर्द आपको परेशान कर रहा है, तो खाना पकाने में जीरा और सौंफ का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करना चाहिए। समस्या से लंबे समय तक छुटकारा मिल सकता है।
तुलसी एक बेहतरीन नैचुरल पेन किलर है जिसे पीरियड्स के दर्द में बेझिझक ले सकते हैं। इसमें मौजूद कैफीक एसिड दर्द में आराम पहुंचाता है। ऐसे में दर्द के समय तुलसी के पत्ते को चाय में मिलाकर पीने से भी आराम मिलता है। अधिक परेशानी हो तो आधा कप पानी में तुलसी के 7-8 पत्ते डालकर उबालें और छानकर उसका सेवन करें।
कई बार पीरियट्स के दौरान फ्लो ठीक तरीके से न हो पाने के कारण भी महलिओं को अधिक दर्द होता है। ऐसै में पपीते का सेवन एक बेहतरीन विकल्प है। इसके सेवन से पीरियड्स के दौरान फ्लो ठीक और संतुलित तरीके से होता है जिससे दर्द नहीं होता।
मासिक धर्म में हर्बल चाय का सेवन एक अच्छा ऑप्शन माना जाता है। एक्सपर्ट का कहना है कि पीरियड्स के दर्द को कम करने के लिए बिना दूध की अदरक की चाय को काली मिर्च के साथ लेना कारगर माना जाता है। यह न केवल यह पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द को कम करता है बल्कि अनियमित पीरियड्स की परेशान के साथ-साथ प्री-मेंस्ट्रुअल सिंड्रोम से संबंधित थकान को भी दूर करने में मदद करता है। इसके अलावा कैमोमाइल चाय जो प्रोस्टाग्लैंडीन के उत्पादन को कम करती है इसे पीरियड्स के दौरान लेना फायदेमंद माना गया है।
गाय के घी, जैतून का तेल से स्वस्थ वसा प्राप्त होता है। जो आपके चयापचय और आपके हार्मोन को संतुलित रखने का काम करते हैं।
मीठे फल ठंडी प्रकृति के होते है तो इनका सेवन कर ध्यान रहे की मीठे फल ही खाए इसकी बजाएं खाद्य पदार्थ नहीं लेना।
दो गिलास पानी में एक बड़ा चम्मच जीरा दाना डालें। इसे आंच पर चढ़ाकर उबलने दें। जब पानी आधा हो जाए तो, आंच से उतार दें। इसे छान लें। इसमें एक छोटा चम्मच शहद मिलाकर, इसे गर्म पिएं। जिस दिन से पीरियड्स होना शुरू हो जाए, उसी दिन से इस हेल्दी ड्रिंक को पीना शुरू कर दें।
पीरियड्स में दर्द के दौरान अदरक का सेवन तुरंत राहत पहुंचाता है। एक कप पानी में अदरक के टुकड़े को बारीक काटकर उबाल लें। चाहें तो इसमें चीनी भी मिला सकते है। दिन में तीन बार भोजन के बाद इसका सेवन करें।
पीरियड्स से 2 हफ्ते पहले अलसी और कद्दू के बीज का सेवन शुरू करें। वहीं दूसरे हफ्ते में 1 चम्मच सूरजमुखी के बीज और 1 चम्मच तिल के बीज का सेवन करें।
खानपान के अलावा आप दिन में एक बार योगा जरुर करे जो फर्टिलिटी रेट को बूस्ट करने में मदद करता है। सुर्य नमस्कार, भुजंगासन, अनुलोम-विलोम, तितली आसन, कपालभाती, नौकासन, भ्रमारी प्राणायाम और 30 मिनट तक पैदल चले।
इस लेख की जानकारी हमें डॉक्टर चंचल शर्मा द्वारा दी गई है। इस विषय से जुड़ी या अन्य पीसीओएस, ट्यूब ब्लॉकेज, (हाइड्रोसालपिनक्स) ट्यूब में पानी आदि पर ज्यादा जानकारी चाहते हैं। हमारे डॉक्टर चंचल की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाए या हमारे Infertility Clinic आने के लिए +91 9811773770 संपर्क करें।
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